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सोम प्रदोष

सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष

महत्त्व

सोमवार भगवान शिव (और चंद्रमा) का दिन माना जाता है, इसलिए सोम प्रदोष को विशेष शुभ समझा जाता है। मान्यता है कि यह व्रत मन की शांति, स्वास्थ्य और परिवार के सुख की कामना से रखा जाता है।

प्रदोष व्रत हर पक्ष की त्रयोदशी को भगवान शिव और माता पार्वती के लिए रखा जाता है। पूजा का समय प्रदोष काल है — सूर्यास्त के आसपास का समय, लगभग सूर्यास्त से 2 घंटे 24 मिनट तक। इसीलिए व्रत उस दिन माना जाता है जिस दिन त्रयोदशी प्रदोष काल में रहती है।

सोम प्रदोष की तारीख़ें (2026–2028)

सोमवार, 16 मार्च 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 16/03 09:41 से 17/03 09:23 (IST)
प्रदोष काल लगभग 6:30 PM से 8:54 PM (दिल्ली)
सोमवार, 30 मार्च 2026
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 30/03 07:10 से 31/03 06:56 (IST)
प्रदोष काल लगभग 6:38 PM से 9:02 PM (दिल्ली)
सोमवार, 10 अगस्त 2026
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 10/08 08:01 से 11/08 04:54 (IST)
प्रदोष काल लगभग 7:05 PM से 9:29 PM (दिल्ली)
सोमवार, 21 दिसंबर 2026
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 21/12 17:36 से 22/12 14:24 (IST)
प्रदोष काल लगभग 5:29 PM से 7:53 PM (दिल्ली)
सोमवार, 17 मई 2027
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 17/05 16:28 से 18/05 16:04 (IST)
प्रदोष काल लगभग 7:06 PM से 9:30 PM (दिल्ली)
सोमवार, 13 सितंबर 2027
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 12/09 22:13 से 14/09 00:40 (IST)
प्रदोष काल लगभग 6:29 PM से 8:53 PM (दिल्ली)
सोमवार, 27 सितंबर 2027
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 27/09 16:55 से 28/09 13:55 (IST)
प्रदोष काल लगभग 6:12 PM से 8:36 PM (दिल्ली)
सोमवार, 30 अक्टूबर 2028
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
त्रयोदशी: 30/10 08:51 से 31/10 11:08 (IST)
प्रदोष काल लगभग 5:37 PM से 8:01 PM (दिल्ली)
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