आरती और चालीसा
पूरा पाठ, बड़े अक्षरों में — पूजा के समय आसानी से पढ़ने के लिए। अक्षर का आकार अपने हिसाब से बढ़ा-घटा सकते हैं।
हनुमान चालीसाहनुमान जी · मंगलवार और शनिवारगणेश जी की आरतीश्री गणेश · बुधवार और किसी भी पूजा की शुरुआत मेंॐ जय जगदीश हरेभगवान विष्णु (जगदीश) · गुरुवार, एकादशी और हर पूजा के अंत मेंशिव आरती — ॐ जय शिव ओंकाराभगवान शिव · सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रिहनुमान जी की आरतीहनुमान जी · मंगलवार और शनिवारलक्ष्मी जी की आरतीदेवी लक्ष्मी · शुक्रवार और दीपावलीजय अम्बे गौरी — दुर्गा आरतीमाँ दुर्गा · मंगलवार, शुक्रवार और नवरात्रिसन्तोषी माता की आरतीसन्तोषी माता · शुक्रवारशिव चालीसाभगवान शिव · सोमवार और प्रदोष
ये सदियों पुराने पारंपरिक पाठ हैं। लोक-आरतियों के शब्दों में अलग-अलग क्षेत्रों में थोड़ा अंतर मिलता है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप दिया गया है। अपने परिवार या गुरु की परंपरा का पाठ भिन्न हो तो उसे ही अपनाएँ।