गोवर्धन पूजा (अन्नकूट)

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा

तिथि और समय

मंगलवार, 10 नवंबर 2026
तिथि 9 नवंबर 2026 और 10 नवंबर 2026 दोनों दिन रहती है — परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन तय करें।
तिथि: 09/11 12:32 से 10/11 14:00 तक (IST)
सूर्योदय 6:40 AM (दिल्ली)
शनिवार, 30 अक्टूबर 2027
तिथि 29 अक्टूबर 2027 और 30 अक्टूबर 2027 दोनों दिन रहती है — परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन तय करें।
तिथि: 29/10 19:06 से 30/10 17:52 तक (IST)
सूर्योदय 6:31 AM (दिल्ली)
बुधवार, 18 अक्टूबर 2028
तिथि: 18/10 08:26 से 19/10 05:01 तक (IST)
सूर्योदय 6:24 AM (दिल्ली)

पूजा प्रातः या सायं काल में की जाती है; मंदिरों में अन्नकूट का भोग दिन में लगाया जाता है।

महत्त्व

दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र के कोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था। गाय-बैल की पूजा, गोबर से गोवर्धन की आकृति और अन्नकूट का भोग इस पर्व की पहचान हैं।

पूजा सामग्री

गोबर (गोवर्धन बनाने के लिए), रोली, अक्षत, फूल, दीपक, खील-बताशे, दूध-दही, अनेक व्यंजन (अन्नकूट), गन्ना, गाय-बैल के पूजन का सामान

पूजा विधि

  1. सुबह आँगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएँ और उसे फूलों से सजाएँ।
  2. रोली-अक्षत, फूल, दीपक और खील-बताशे से गोवर्धन की पूजा करें।
  3. अनेक प्रकार के अन्न और व्यंजनों (अन्नकूट) का भोग भगवान कृष्ण को लगाएँ।
  4. गाय-बैलों को नहलाकर सजाएँ, उन्हें चारा-गुड़ खिलाएँ और उनकी पूजा करें।
  5. गोवर्धन की परिक्रमा करें और आरती के बाद प्रसाद बाँटें।

ॐ कृष्णाय नमः

कथा

कथा के अनुसार ब्रज के लोग हर वर्ष इंद्र की पूजा करते थे। कृष्ण ने उन्हें समझाया कि गोवर्धन पर्वत और गौएँ ही उनका पालन करती हैं, इसलिए उनकी पूजा करनी चाहिए। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने भारी वर्षा की। तब कृष्ण ने अपनी छोटी उँगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिन तक सबको उसके नीचे आश्रय दिया। अंत में इंद्र का अभिमान टूटा और उसने क्षमा माँगी।

पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि दो दिनों में फैली हो सकती है; अपने क्षेत्र की परंपरा देखें।

यह प्रचलित परंपरा के आधार पर लिखी संक्षिप्त कथा और विधि है। क्षेत्र, परिवार और संप्रदाय के अनुसार रीति-रिवाज बदल सकते हैं; अपनी परंपरा या पंडित जी के निर्देश को प्राथमिकता दें। तिथि दिल्ली के लिए गणना की गई है।

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