भाई दूज

कार्तिक शुक्ल द्वितीया

तिथि और समय

मंगलवार, 10 नवंबर 2026
तिथि 10 नवंबर 2026 और 11 नवंबर 2026 दोनों दिन रहती है — परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन तय करें।
तिथि: 10/11 14:00 से 11/11 15:53 तक (IST)
रविवार, 31 अक्टूबर 2027
तिथि 30 अक्टूबर 2027 और 31 अक्टूबर 2027 दोनों दिन रहती है — परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन तय करें।
तिथि: 30/10 17:52 से 31/10 17:13 तक (IST)
गुरुवार, 19 अक्टूबर 2028
तिथि: 19/10 05:01 से 20/10 01:59 तक (IST)

तिलक का शुभ समय अपराह्न (दोपहर बाद) माना जाता है, जब द्वितीया तिथि उपस्थित हो।

महत्त्व

भाई दूज (यम द्वितीया) भाई-बहन के स्नेह का पर्व है। बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु और सुख की कामना करती हैं और भाई उपहार देकर बहन की रक्षा का वचन निभाते हैं।

पूजा सामग्री

रोली, अक्षत, कलावा, नारियल/गोला, मिठाई, दीपक, फूल, भाई के लिए उपहार

पूजा विधि

  1. बहन स्नान करके पूजा की थाली सजाए — रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और नारियल रखें।
  2. भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बिठाएँ और उसके माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाएँ।
  3. भाई की आरती उतारें, कलावा बाँधें और मिठाई खिलाएँ।
  4. भाई बहन को उपहार दे और उसके सुख की कामना करे; परंपरा में बहन के घर भोजन करना शुभ माना जाता है।

कथा

कथा के अनुसार सूर्य-पुत्र यमराज की बहन यमुना उन्हें बार-बार अपने घर बुलाती थीं। एक बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमराज उनके घर गए। यमुना ने उनका तिलक करके स्वागत किया और भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने वर दिया कि इस दिन जो भाई बहन से तिलक करवाएगा और जो बहन भाई को तिलक करेगी, उन्हें यम का भय नहीं रहेगा। इसीलिए इसे यम द्वितीया भी कहते हैं।

द्वितीया तिथि दो दिनों में फैली हो सकती है; दोनों दिन की संभावना होने पर अपने स्थानीय पंचांग की सलाह लें।

यह प्रचलित परंपरा के आधार पर लिखी संक्षिप्त कथा और विधि है। क्षेत्र, परिवार और संप्रदाय के अनुसार रीति-रिवाज बदल सकते हैं; अपनी परंपरा या पंडित जी के निर्देश को प्राथमिकता दें। तिथि दिल्ली के लिए गणना की गई है।

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