पद्मिनी एकादशी
अधिक मास शुक्ल एकादशी · कमला एकादशी
अधिक मास · शुक्ल पक्षदेवता: भगवान विष्णु
महत्त्व
यह एकादशी केवल अधिक मास (मलमास) में आती है, यानी लगभग तीन वर्ष में एक बार। पुरुषोत्तम मास होने से इसका विशेष महत्त्व माना जाता है।
कथा
कथा में राजा कृतवीर्य संतानहीन थे। उनकी रानी पद्मिनी ने अनसूया के बताने पर अधिक मास की इस एकादशी का व्रत किया, जिससे पुत्र कार्तवीर्य अर्जुन का जन्म हुआ।
यह सरल हिन्दी में भक्ति-पाठ के लिए तैयार संक्षिप्त कथा है। अलग-अलग ग्रंथों और क्षेत्रों में नाम और विवरण भिन्न मिल सकते हैं; पूरी कथा अपनी परंपरा या पंडित जी से मिलाएँ।
तिथि और पारण (2026–2028, दिल्ली)
मंगलवार, 26 मई 2026
एकादशी तिथि: 26 मई 2026 05:11 से 27 मई 2026 06:22 तक
पारण: 27 मई 2026 को सूर्योदय (5:25 AM) के बाद, द्वादशी समाप्त होने (7:57 AM (+1d)) से पहले
पारण: 27 मई 2026 को सूर्योदय (5:25 AM) के बाद, द्वादशी समाप्त होने (7:57 AM (+1d)) से पहले
समय IST में हैं। परंपरा अनुसार द्वादशी की पहली चौथाई (हरि वासर) में पारण नहीं किया जाता। वैष्णव परंपरा में व्रत अगले दिन हो सकता है; शहर के अनुसार भी एक दिन का अंतर संभव है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।