श्री राम शलाका प्रश्नावली
मन में अपना प्रश्न स्थिर करें, श्रीराम का स्मरण करें, और पहिया घुमाकर रोकें।
जैसे ही घूमता पहिया रुके — जो अक्षर पिन पर हो, वही आपका उत्तर तय करता है।
राम शलाका (राम प्रश्नावली) एक श्रद्धा-परंपरा है जिसमें श्रद्धालु मन में प्रभु राम का स्मरण करके अपना प्रश्न रखते हैं और रामचरितमानस की चौपाइयों से बने चक्र या सारणी से एक उत्तर पाते हैं। लोग इसे जीवन के किसी निर्णय पर एक शांत क्षण लेकर सोचने के लिए अपनाते हैं।
पहले कुछ क्षण शांत होकर प्रभु राम का स्मरण करें। फिर एक स्पष्ट, सच्चा प्रश्न मन में रखें — बेहतर है कि ‘हाँ/नहीं’ या ‘करूँ/रुकूँ’ जैसा हो। उसके बाद चक्र चलाएँ या सारणी से चुनें। जो उत्तर आए उसे दबाव की तरह नहीं, एक संकेत की तरह पढ़ें। एक ही प्रश्न बार-बार पूछने से बचें।
यह श्रद्धा और आत्म-चिंतन का साधन है, भविष्यवाणी या पेशेवर सलाह का विकल्प नहीं। स्वास्थ्य, कानून और पैसों के बड़े फैसले योग्य विशेषज्ञ की सलाह से लें। आपका प्रश्न कहीं सहेजा नहीं जाता।